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Sandeshkhali Violence Amid Tension Sandeshkhali Women Exploitation Case Reaches Supreme Court

Sandeshkhali Women Exploitation: पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के संदेशखाली में पिछले सप्ताह से जारी तनाव के बीच क्षेत्र की महिलाओं के शोषण का मामला गुरुवार (15 फरवरी) को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने एक जनहित याचिका दाखिल की है. याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से मांग की है कि मामले की जांच और मुकदमा राज्य के बाहर ट्रांसफर किया जाए.

याचिकाकर्ता ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई या एसआईटी से मामले की जांच कराई जाए और मणिपुर की तरह 3 जजों की कमेटी भी बनाई जाए. याचिका में यह भी मांग की गई है कि पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए और लापरवाही के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए.

क्या है मामला?

कथित राशन घोटाले में टीएमसी नेता शेख शाहजहां की भूमिका की जांच के लिए ईडी की टीम 5 जनवरी को संदेशखाली में उनके ठिकाने पर छापेमारी करने पहुंची थी. वहां ईडी के अधिकारियों और सीएपीएफ कर्मियों पर हमला हुआ. हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप शेख शाहजहां पर है. शेख शाहजहां फरार हैं. घटना के बाद से स्थानीय महिलाएं शेख शाहजहां और उनके समर्थकों पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रही हैं. 

मामले में गरमा रही है राजनीति!

मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आ रही है. राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखा जा रहा है. हाल में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी तनावग्रस्त इलाके का दौरा किया था और महिला प्रदर्शकारियों से बात की थी. राज्य महिला आयोग की टीम भी प्रदर्शनकारियों से मिल चुकी है और अब राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष उनके बीच जाएंगी.

राज्य महिला आयोग की टीम ने कब किया दौरा? 

12 फरवरी को पश्चिम बंगाल महिला आयोग की एक टीम ने संदेशखाली का दौरा किया था और उन महिलाओं से बात की थी जिन्होंने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लीना गंगोपाध्याय फोन पर बताया था कि उन्होंने महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है और शिकायतों को जाना. उन्होंने कहा था, ”हम उनके आरोपों की जांच करेंगे. मैंने पुलिस से इस पर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है.” राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र भेजकर संदेशखाली में लगे आरोपों पर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी थी. 

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष कब जाएंगी संदेशखाली?

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा पश्चिम बंगाल की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान 19 फरवरी को संदेशखाली का दौरा करेंगी. वह पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक भी करेंगी.

सुकांत मजूमदार के नोटिस पर मुख्य सचिव और जिला मजिस्ट्रेट तलब

गुरुवार (15 फरवरी) को ही संसद की विशेषाधिकार समिति ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और उत्तर 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट को विशेषाधिकार के उल्लंघन और प्रोटोकॉल मानदंडों के उल्लंघन में मौखिक साक्ष्य के लिए 19 फरवरी को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया.

राज्य बीजेपी प्रमुख और सांसद सुकांत मजूमदार की ओर से उत्तर 24 परगना के बशीरहाट के पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन की तरफ कथित दुर्व्यवहार, क्रूरता और जानलेवा चोटें पहुंचाने के लिए नोटिस दिया गया था, उसी संबंध में यह घटनाक्रम सामने आया है.

बता दें कि बुधवार को सुकांत मजूमदार को ताकी से संदेशखाली जाते समय पुलिस ने रोका तो बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ उसकी झड़प हो गई थी. जिसमें फंसकर सुकांत मजूमदार बेहोश हो गए थे. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, सुकांत मजूमदार गुरुवार को आईसीयू में थे.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आरोप

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार (15 फरवरी) को विधानसभा के पटल पर कहा, “वर्तमान में संदेशखाली में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए ईडी जिम्मेदार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ईडी शाहजहां को निशाना बनाकर वहां गई और इलाके में तनाव पैदा किया. फिर अल्पसंख्यक और आदिवासी आबादी के बीच तनाव पैदा करने का जानबूझकर प्रयास किया गया. नकाबपोश लोग संदेशखाली में परेशानी पैदा कर रहे हैं. वहां जारी तनाव के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं.

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ममता बनर्जी के बयान को शर्मनाक और गैर जिम्मेदाराना बताते हुए इसकी निंदा की. नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए प्रसाद ने कहा कि संदेशखाली पर ममता बनर्जी ने विधानसभा में एक बात कही है, जो कि बहुत ही शर्मनाक है.

बीजेपी नेता ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने कहा कि जो महिलाएं अपने चेहरे को हाफ कवर करके अपने खिलाफ यौन शोषण की बात कह रही थीं, उसे उन्होंने कहा है कि ये महिलाएं अपना मुंह खोल करके क्यों नहीं बोलती और वे (ममता बनर्जी) उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी, उन्होंने कहा कि संदेशखाली इज ए बर्नर ऑफ आरएसएस.

बीजेपी नेता ने सवाल पूछा कि आखिर उनका यह कहने का मतलब क्या है? टीएमसी के गुंडे महिलाओं का यौन शोषण करते हैं, महिलाएं स्वयं बोल रही हैं, राज्यपाल से भी मुलाकात की है और ममता बनर्जी इसे आरएसएस का बर्नर बता रही हैं, उन्हें शर्म करनी चाहिए.

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

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